नवरात्रि 2026›रात 3·मराठी

नवरात्रि का तीसरा दिन — मां चंद्रघंटा

लाल

मंगलवार, 13 अक्टूबर

देवी कौन हैं

चंद्रघंटा — माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र, इसी से यह नाम।

स्वरूप

बाघ पर सवार, अनेक हाथों में शस्त्र, फिर भी मुख शांत बताया जाता है।

इस रात का अर्थ

घंटा ही अर्थ है — वह नाद जो जगह को निर्मल कर दे। तीसरी रात उस साहस से जुड़ी है जो डर को शांत करता है, शोर मचाने वाले साहस से नहीं।

भोग (नैवेद्य)

कई घरों में दूध या खीर।

मंत्र

ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥

Om Devi Chandraghantayai Namah

नैवेद्य और परंपराएँ प्रांत और घर के अनुसार बदलती हैं — ऊपर जो लिखा है वह आम है, नियम नहीं, और आपके घर की परंपरा ही सही है। मंत्र केवल छोटा नाम-मंत्र है, जैसा द्रिक पंचांग में दिया है; बड़े स्तोत्र और मुहूर्त का समय यहाँ जान-बूझकर नहीं दिया गया — उसके लिए पंचांग देखें या घर के पंडित जी से पूछें।

तीसरे दिन के सवाल

नवरात्रि के तीसरे दिन किस देवी की पूजा होती है?
मां चंद्रघंटा। चंद्रघंटा — माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र, इसी से यह नाम। बाघ पर सवार, अनेक हाथों में शस्त्र, फिर भी मुख शांत बताया जाता है। नौ रूपों का क्रम तय है, यह हर साल नहीं बदलता।
नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन का रंग कौन सा है?
लाल — मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026। नौ रंगों का क्रम इस बात से तय होता है कि नवरात्रि किस वार से शुरू हो रही है, इसलिए यह हर साल बदलता है।
नवरात्रि के तीसरे दिन का भोग क्या है?
कई घरों में दूध या खीर। भोग प्रांत और घर के अनुसार बदलता है — यह आम है, नियम नहीं।
नवरात्रि के तीसरे दिन का मंत्र क्या है?
ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥ — मां चंद्रघंटा का छोटा नाम-मंत्र, जैसा द्रिक पंचांग में दिया है। (Om Devi Chandraghantayai Namah)
नवरात्रि का तीसरा दिन 2026 में कब है?
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026।

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