नवरात्रि 2026›रात 2·मराठी

नवरात्रि का दूसरा दिन — मां ब्रह्मचारिणी

सफ़ेद

सोमवार, 12 अक्टूबर

देवी कौन हैं

ब्रह्मचारिणी — तप करने वाली; लंबे समय तक टिकी रहने वाली निष्ठा का रूप।

स्वरूप

सादे रूप में चलती हुईं, एक हाथ में जपमाला और दूसरे में कमंडल।

इस रात का अर्थ

दूसरी रात टिके रहने की है — पढ़ाई, व्रत, चुपचाप रखा गया उपवास। शक्ति से पहले धैर्य के लिए उनका स्मरण किया जाता है।

भोग (नैवेद्य)

कई घरों में चीनी या मिश्री।

मंत्र

ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥

Om Devi Brahmacharinyai Namah

नैवेद्य और परंपराएँ प्रांत और घर के अनुसार बदलती हैं — ऊपर जो लिखा है वह आम है, नियम नहीं, और आपके घर की परंपरा ही सही है। मंत्र केवल छोटा नाम-मंत्र है, जैसा द्रिक पंचांग में दिया है; बड़े स्तोत्र और मुहूर्त का समय यहाँ जान-बूझकर नहीं दिया गया — उसके लिए पंचांग देखें या घर के पंडित जी से पूछें।

दूसरे दिन के सवाल

नवरात्रि के दूसरे दिन किस देवी की पूजा होती है?
मां ब्रह्मचारिणी। ब्रह्मचारिणी — तप करने वाली; लंबे समय तक टिकी रहने वाली निष्ठा का रूप। सादे रूप में चलती हुईं, एक हाथ में जपमाला और दूसरे में कमंडल। नौ रूपों का क्रम तय है, यह हर साल नहीं बदलता।
नवरात्रि 2026 के दूसरे दिन का रंग कौन सा है?
सफ़ेद — सोमवार, 12 अक्टूबर 2026। नौ रंगों का क्रम इस बात से तय होता है कि नवरात्रि किस वार से शुरू हो रही है, इसलिए यह हर साल बदलता है।
नवरात्रि के दूसरे दिन का भोग क्या है?
कई घरों में चीनी या मिश्री। भोग प्रांत और घर के अनुसार बदलता है — यह आम है, नियम नहीं।
नवरात्रि के दूसरे दिन का मंत्र क्या है?
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥ — मां ब्रह्मचारिणी का छोटा नाम-मंत्र, जैसा द्रिक पंचांग में दिया है। (Om Devi Brahmacharinyai Namah)
नवरात्रि का दूसरा दिन 2026 में कब है?
सोमवार, 12 अक्टूबर 2026।

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