नवरात्रि 2026›रात 9·मराठी

नवरात्रि का नौवाँ दिन — मां सिद्धिदात्री

मोरपंखी

सोमवार, 19 अक्टूबर

दुर्गा अष्टमी और महानवमी एक साथ — कन्या पूजन और हवन

देवी कौन हैं

सिद्धिदात्री — सिद्धियाँ देने वाली; नौ रूपों में अंतिम।

स्वरूप

कमल पर आसीन, चार भुजाएँ; गदा, चक्र, कमल और शंख।

इस रात का अर्थ

महानवमी, हवन का दिन। नौवीं रात नौ दिन पूरे करती है — पहली सुबह जो शुरू हुआ वह पूर्ण होता है; कई घरों में आज रात या दशहरे की सुबह कलश उठाया जाता है।

भोग (नैवेद्य)

जहाँ परंपरा है वहाँ तिल।

मंत्र

ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥

Om Devi Siddhidatryai Namah

नैवेद्य और परंपराएँ प्रांत और घर के अनुसार बदलती हैं — ऊपर जो लिखा है वह आम है, नियम नहीं, और आपके घर की परंपरा ही सही है। मंत्र केवल छोटा नाम-मंत्र है, जैसा द्रिक पंचांग में दिया है; बड़े स्तोत्र और मुहूर्त का समय यहाँ जान-बूझकर नहीं दिया गया — उसके लिए पंचांग देखें या घर के पंडित जी से पूछें।

नौवें दिन के सवाल

नवरात्रि के नौवें दिन किस देवी की पूजा होती है?
मां सिद्धिदात्री। सिद्धिदात्री — सिद्धियाँ देने वाली; नौ रूपों में अंतिम। कमल पर आसीन, चार भुजाएँ; गदा, चक्र, कमल और शंख। नौ रूपों का क्रम तय है, यह हर साल नहीं बदलता।
नवरात्रि 2026 के नौवें दिन का रंग कौन सा है?
मोरपंखी — सोमवार, 19 अक्टूबर 2026। नौ रंगों का क्रम इस बात से तय होता है कि नवरात्रि किस वार से शुरू हो रही है, इसलिए यह हर साल बदलता है।
नवरात्रि के नौवें दिन का भोग क्या है?
जहाँ परंपरा है वहाँ तिल। भोग प्रांत और घर के अनुसार बदलता है — यह आम है, नियम नहीं।
नवरात्रि के नौवें दिन का मंत्र क्या है?
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥ — मां सिद्धिदात्री का छोटा नाम-मंत्र, जैसा द्रिक पंचांग में दिया है। (Om Devi Siddhidatryai Namah)
नवरात्रि का नौवाँ दिन 2026 में कब है?
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 — दुर्गा अष्टमी और महानवमी एक साथ — कन्या पूजन और हवन।

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