नवरात्रि का व्रत: नियम, खाने की सूची और व्रत कब खोलें
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नवरात्रि का व्रत आमतौर पर तीन तरह से रखा जाता है: पूरे नौ दिन, सिर्फ़ पहला और आख़िरी दिन, या सिर्फ़ फल और दूध (फलाहार)। अनाज, दाल, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक नहीं खाते; कुट्टू, सिंघाड़ा, समा के चावल, साबूदाना, आलू, मूंगफली, मखाना, फल, दूध और दही खाते हैं, और नमक की जगह सेंधा नमक। 2026 में नवरात्रि रविवार 11 अक्टूबर से सोमवार 19 अक्टूबर तक है; व्रत कुछ घरों में नवमी, सोमवार 19 अक्टूबर को, और कुछ घरों में दशहरे की सुबह, मंगलवार 20 अक्टूबर को खोला जाता है। परंपरा हर घर में अलग है — अपने घर की परंपरा ही सही है।
Steps
- 1
तय करें कि कौन सा व्रत रखेंगे
पूरे नौ दिन; सिर्फ़ पहला और आख़िरी दिन (प्रतिपदा और नवमी या अष्टमी); या फलाहार — फल, दूध और मेवे। बिना पानी का निर्जला व्रत कम ही रखा जाता है, और नौ दिन ऐसा न करें। पहली सुबह से पहले तय करें, क्योंकि संकल्प में यही लिया जाता है।
- 2
जो नहीं खाना, उसे अलग रखें
गेहूँ, चावल और दूसरे अनाज, दालें, प्याज़-लहसुन और साधारण नमक — ये आमतौर पर नहीं खाए जाते। कई घरों में नौ दिन पूरे घर में मांसाहार और शराब बंद रहती है, चाहे सब व्रत न रखें।
- 3
व्रत की रसोई का सामान ले आएँ
कुट्टू और सिंघाड़े का आटा, समा के चावल, साबूदाना, राजगिरा, आलू और शकरकंद, मूंगफली, मखाना, घी, दूध-दही, फल और सेंधा नमक — व्रत के हर पकवान में साधारण नमक की जगह यही।
- 4
एक बार ठीक से खाएँ, भूखे न रहें
नौ दिन व्रत रखने वाले ज़्यादातर लोग दिन में एक बार व्रत का ठीक खाना और बाक़ी समय फल या दूध लेते हैं। साबूदाना पेट भरता है पर भारी है; नौ दिन के लिए समा के चावल और दही, या फल और दूध हल्के रहते हैं।
- 5
अपने घर की तरह व्रत खोलें
कई घरों में नवमी को हवन और कन्या पूजन के बाद व्रत खोला जाता है — 2026 में सोमवार 19 अक्टूबर। कई घरों में दशहरे की सुबह, मंगलवार 20 अक्टूबर को पारण होता है। पहला खाना सादा और फिर से साधारण नमक वाला।
नवरात्रि व्रत के खाने की सूची
कुट्टू और सिंघाड़े की पूरी और पकौड़े; समा के चावल की खिचड़ी या खीर; सेंधा नमक वाले जीरा आलू; मखाने की खीर और भुने मखाने; साबूदाना खिचड़ी; फलों की चाट, लस्सी और पनीर।
महाराष्ट्र में यही नियम साबूदाना, वरई (भगर), राजगिरा और मूंगफली से निभाया जाता है — आटे अलग, सिद्धांत वही: अनाज नहीं, दाल नहीं, प्याज़-लहसुन नहीं।
डायबिटीज़, गर्भावस्था या रोज़ की दवा हो तो
नौ दिन के व्रत से पहले डॉक्टर से पूछें। फल-दूध या दिन में एक बार व्रत का खाना भी व्रत ही है, और जो व्रत शरीर के लिए सुरक्षित न हो, वह कोई रखे — ऐसी अपेक्षा घर में भी नहीं होती।
साबूदाना और आलू लगभग पूरा स्टार्च हैं। शुगर देखने वालों के लिए दही, पनीर, मूंगफली और व्रत के तरीक़े से बनी सब्ज़ियाँ बेहतर हैं।
Common questions
- नवरात्रि 2026 का व्रत कब खोलें?
- घर की परंपरा के अनुसार — नवमी को हवन और कन्या पूजन के बाद, सोमवार 19 अक्टूबर 2026, या दशहरे की सुबह, मंगलवार 20 अक्टूबर। दोनों प्रचलित हैं, कोई एक ज़्यादा सही नहीं।
- क्या सिर्फ़ पहले और आख़िरी दिन व्रत रख सकते हैं?
- हाँ, बहुत से लोग ऐसा ही करते हैं। पहला दिन घटस्थापना, रविवार 11 अक्टूबर 2026; आख़िरी नवमी (या परंपरा के अनुसार अष्टमी) — इस साल दोनों सोमवार 19 अक्टूबर को।
- व्रत में चाय पी सकते हैं?
- ज़्यादातर घरों में हाँ — दूध-चीनी वाली चाय आम है। कुछ सख़्त घरों में नहीं पीते। अपने घर की परंपरा मानें।
- व्रत में सेंधा नमक ही क्यों?
- साधारण नमक प्रोसेस किया हुआ माना जाता है और व्रत में परंपरा से नहीं खाया जाता; सेंधा नमक शुद्ध माना जाता है, इसलिए व्रत का खाना उसी से बनता है।
- बच्चे और बुज़ुर्ग व्रत रखें?
- घरों में आमतौर पर बच्चों, बुज़ुर्गों या बीमार लोगों से पूरा व्रत अपेक्षित नहीं होता। हल्का व्रत — एक बार व्रत का खाना, या फल-दूध — आम है और पूरी तरह मान्य है।